मुख्यमंत्री ने कौशल विश्वविद्यालय का जायजा लिया

(अपडेट) मुख्यमंत्री ने कौशल विश्वविद्यालय का जायजा लिया

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

गुवाहाटी। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा गुरुवार को दरंग जिले के मंगलदै पहुंचे और असम कौशल विश्वविद्यालय परिसर में चल रही निर्माण गतिविधियों का जायजा लिया। इसके अलावा, उन्होंने निर्माणाधीन मंगलदै बाईपास और निर्माणाधीन दरंग मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के लिए स्थल का भी दौरा किया।

मंगलदै पहुंचकर मुख्यमंत्री ने सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-15 पर बन रहे 15 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण स्थल का दौरा किया और निर्माण गतिविधियों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने परियोजना की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को इसे शीघ्र पूरा करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया।

उल्लेखनीय है कि एनएच-15 पर मंगलदै बाईपास पूरा होने पर पश्चिम बंगाल, असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सड़क नेटवर्क को मजबूत करेगा और इस तरह निर्बाध सड़क परिवहन और क्षेत्रीय अखंडता की सुविधा प्रदान करेगा। असम के कैबिनेट मंत्री जयंत मल्लबरुवा, चंद्रमोहन पटवारी, सांसद दिलीप सैकिया, विधायक परमानंद राजबंशी और बसंत दास मुख्यमंत्री के साथ थे।

असम कौशल विश्वविद्यालय के परिसर का दौरा करते हुए, मुख्यमंत्री को संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए देखा गया कि निर्माण गतिविधियों के सभी पहलू तय समय के अनुसार पूरे हो जाएं ताकि जुलाई, 2025 से शैक्षणिक सत्र शुरू किए जा सकें। गौरतलब है कि असम कौशल विश्वविद्यालय 250 बीघा भूमि पर 21वीं सदी की नवीनतम् शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप सभी आधुनिक सुविधाओं के साथ बनाया जा रहा है।

कार्यात्मक होने पर, असम कौशल विश्वविद्यालय, जो इस क्षेत्र में अपनी तरह का पहला विश्वविद्यालय है, से समकालीन उद्योग आवश्यकताओं के साथ तालमेल बिठाते हुए कई विषयों में कौशल शिक्षा प्रदान करने में उत्कृष्टता का केंद्र बनने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री के साथ असम कैबिनेट के मंत्री जयंत मल्लबरुवा, चंद्रमोहन पटवारी, विधायक डॉ. परमानंद राजबंशी और बसंत दास, विश्वविद्यालय के कुलपति सुभाष चंद्र दास, जिला आयुक्त मुनींद्र नाथ नगेटी और अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

बाद में, मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित दरंग मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के स्थल का भी दौरा किया और इसके विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया। दरंग मेडिकल कॉलेज और अस्पताल 100 बीघा भूमि पर स्थापित किया जाएगा और ऐतिहासिक दरंग और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों की चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगा और आधुनिक चिकित्सा शिक्षा का केंद्र भी होगा।

 

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