Target Killing: एलजी का ऐलान-आतंकवादियों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, कश्मीर पंडितों ने कहा-पाक से युद्ध करो

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Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ  

राजौरी। राजौरी में लगातार दो दिन 1-2 जनवरी को हुए आतंकी हमले के विरोध में अल्पसंख्यकों(कश्मीर पंडितों और गैर मुस्लिम) में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। उपराज्यपाल ने भरोसा दिलाया है कि आतंकवाद को सख्ती से कुचला जाएगा।

वहीं, कश्मीरी पंडितों के एक संगठन ने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने की मांग उठाई है। वहीं, 3 जनवरी को भी सनातन धर्म सभा के साथ मिलकर विहिप और बजरंग दल ने बंद का ऐलान किया है।

बता दें कि राजौरी के एक गांव में 1 जनवरी को अल्पसंख्यक समुदाय के घरों पर आतंकवादियों ने गोलीबारी की थी। इसमें चार नागरिकों की मौत हो गई थी। इस हमले के विरोध में 2 जनवरी को धांगरी गांव में जब लोग प्रदर्शन कर रहे थे, तब आईडी ब्लास्ट हुआ था। इसमें दो मासूम भाई-बहन मारे गए थे। कई घायल हुए थे। पढ़िए पूरी डिटेल्स और देखिए कुछ तस्वीरें...

राजौरी में आतंकी हमले में मारे गए 6 नागरिकों के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग डांगरी गांव में जमा हुए।

 आतंकी घटना में एक और सनसनीखेज मोड़  तब आ गया, जब राजौरी में कश्मीरी पंडितों पर दूसरा हमला हुआ। राजौरी के एक गांव में अल्पसंख्यक समुदाय पर संदिग्ध आतंकवादी हमले में मारे गए चार नागरिकों  के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों के सभास्थल पर सोमवार को एक ID ब्लास्ट हुआ था। इसमें भी कई लोग घायल हुए हैं। इसमें मासूम भाई-बहन भी मारे गए थे।

एलजी बोले-आतंकवादियों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार शाम राजौरी में हुए जघन्य आतंकी हमले में शहीद हुए नागरिकों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि इस घृणित कार्य के लिए आतंकवादियों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

इससे पहले दिन में, उन्होंने कायरतापूर्ण आतंकी हमले की निंदा करते हुए हमले में मारे गए प्रत्येक नागरिक के निकटतम रिश्तेदार (Next of Kin) के लिए 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी और गंभीर रूप से घायलों के लिए 1 लाख रुपये की घोषणा की। 

अपनी मुलाकात के दौरान एलजी सिन्हा ने डांगरी गांव में शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से कहा, “दुख की इस घड़ी में पूरा देश और सरकार परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और जिला प्रशासन सभी परिवारों और लोगों की जरूरतों और मुद्दों को देखने के लिए प्रतिबद्ध है।"

एलजी ने धांगरी(डांगरी) गांव के सरपंच, डीडीसी, बीडीसी सदस्यों और शहीदों के परिवारों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा, हमने सुरक्षा बलों को पूरी आजादी दी है और मैं लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस हमले के दोषियों को जल्द सजा दी जाएगी। इस घृणित हमले की आतंकवादियों को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उपराज्यपाल ने बैठक के दौरान कहा, यह आतंकवादियों और आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को कुचलने का हमारा दृढ़ संकल्प है।

डीजीपी बोले- पुलिस को टार्गेट करके किया गया था आईडी ब्लास्ट: जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने सोमवार को राजौरी में दो बैक-टू-बैक हमलों में शामिल आतंकवादियों को पकड़ने का संकल्प लेते हुए कहा कि सोमवार सुबह आईईडी विस्फोट सीनियर आफिसर्स को टार्गेट करने के लिए एक सुनियोजित हमला था।

डांगरी बस्ती आईडी ब्लास्ट:डांगरी बस्ती में एक आईईडी विस्फोट में चार और सात साल की उम्र के भाई-बहनों की मौत हो गई थी। इसी बस्ती में रविवार शाम को आतंकवादियों ने तीन घरों में गोलीबारी की थी, जिसमें चार नागरिक मारे गए थे और छह घायल हो गए थे।

डीजीपी जब रविवार को हमले में मारे गए लोगों के शवों का दाह संस्कार करने के लिए प्रदर्शनकारियों को समझाइश देने विरोध स्थल पर गए, तब उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा।

भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रमुख रविंदर रैना और भाजपा के वरिष्ठ नेता विबोध गुप्ता ने कहा कि वीडीसी(Village Defence Committees) से पुलिस ने 60 प्रतिशत बंदूकें वापस ले ली हैं। इस पर डीजीपी ने कहा कि अगर कुछ बंदूकें वापस ले ली गई हैं, तो उन्हें वापस कर दिया जाएगा। जहां भी और बंदूकों की जरूरत होगी, उन्हें मुहैया कराया जाएगा।

पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध की मांग: कश्मीर पंडितों के एक संगठन और जम्मू पश्चिम विधानसभा आंदोलन ने रविवार को राजौरी जिले के धंगरी में हमले के प्रतिशोध में पाकिस्तान के खिलाफ 'युद्ध' की मांग की है। जम्मू और कश्मीर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए जहां जम्मू पश्चिम विधानसभा आंदोलन और कश्मीरी पंडितों ने सोमवार को धंगरी गांव के विभिन्न हिस्सों में भाग लिया।

ये बहुत दु:ख की बात है कि आतंकवाद अभी भी इस रियासत में चल रहा है। बेगुनाहों को मारा जा रहा है। पूरे देश में जिस तरह की नफरत फैलाई जा रही है, ये उसी का नतीजा है- जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, बडगाम, जम्मू-कश्मीर

आतंकियों ने साल, 2022 में कश्मीर घाटी में 29 नागरिकों की हत्या की। इनमें 21 स्थानीय निवासी और 8 प्रवासी मजदूर थे। स्थानीय लोगों में 3 कश्मीरी पंडितों सहित 6 हिंदू और 15 मुस्लिम थे।

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