राहुल भट की हत्या से फूटा आक्रोश, VHP ने पूछा-क्या The Kashmir files को दोहराया जा रहा, अब SPO को गोली मारी

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Newspoint24/ newsdesk / एजेंसी इनपुट के साथ

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के बडगाम (Budgam) जिले में गुरुवार को आतंकवादियों ने कश्मीरी पंडित राहुल भट (Rahul Bhat) की हत्या कर दी थी। इस मामले ने घाटी में कश्मीरी पंडितों को आक्रोशित कर दिया है।

कश्मीर में जगह-जगह प्रदर्शन हुए। बता दें कि राहुल भट कीचदूरा गांव (Chadoora Village) में तहसीलदार के कार्यालय पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे मूल रूप से बडगाम के संग्रामपोरा गांव( Sangrampora village) के रहने वाले थे।

शेखपोरा के निवासियों ने कहा कि उनके पिता एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी हैं और उनकी पत्नी एक गृहिणी हैं। उन्हें प्रवासी कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए प्रधान मंत्री के विशेष पैकेज के तहत 2010 में राजस्व विभाग में नियुक्त किया गया था।

शेखपोरा के एक निवासी ने कहा कि वो ज्यादातर सालों में बडगाम में तैनात रहे और लगभग दो साल से चदूरा में थे। राहुल बडगाम के शेखपोरा में रहते थे, जहां सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए हाउसिंग कॉलोनी बनाई है।

भट्ट की पत्नी दक्षिण कश्मीर की रहने वाली हैं। उनके माता-पिता संग्रामपोरा से चले गए थे और सरकार द्वारा भट की नियुक्ति के बाद ही वे लौटे थे। विश्व हिंदू परिषद(Vishwa Hindu Parishad) के राष्ट्रीय प्रवक्ता(National Spokesperson-VHP) विनोद बंसल (Vinod Bansal) ने tweet करके कहा-राहुल भट (Rahul Bhat)  को बडगाम के चदूरा में तहसीलदार के कार्यालय में गोली मार दी, जहां वह काम करता था।

क्यों..? Bcos वह हिंदू था? क्या #इस्लामोफोबिया नहीं है? क्या #TheKashmirfiles को फिर से दोहराया जा रहा है? जिहादियों द्वारा हिंदुओं की इस तरह की लक्षित हत्याओं पर राहुल मुफ्ती गुलाम और अब्दुल्ला चुप क्यों हैं? 

इस बीच शुक्रवार को आतंकियों ने पुलिस कांस्टेबल रियाज अहमद ठोकर को गोली मार दी। घटना पुलवामा के गुदूरा इलाके में हुई। रियाज अहमद ठोकर अपने घर गुदूरा में मौजूद थे। इस बीच आतंकियों ने टारगेट बनाकर उन पर फायरिंग कर दी। अस्पताल में इलाज के दौरान रियाज अहमद की मौत हो गई। 

यह तस्वीर 32 वर्षीय राहुल भट और उनकी फैमिली की है, जिसे इस्लामिक आतंकवाद ने तहस-नहस कर दिया। वह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। इस घटना के बाद कश्मीरी पंडितों में आक्रोश है।

राहुल भट की हत्या की निंदा
नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष
और सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा,"मैं राहुल भट्ट पर हुए कायरतापूर्ण हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करता हूं। ऐसी नृशंस और जघन्य हरकतों का एकमात्र मकसद कश्मीर का माहौल खराब करना है।"

नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि टार्गेट किलिंग जारी हैं। उन्होंने कहा- “मैं राहुल भट्ट पर हुए जानलेवा आतंकवादी हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करता हूं।"

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हत्या कश्मीर में सामान्य स्थिति के झूठे दावों को खारिज करती है। उन्होंने कहा-“उस वीभत्स कृत्य की निंदा करें जहां एक कश्मीरी पंडित लड़के राहुल भट की चदूरा में हत्या कर दी गई थी। एक और जीवन समाप्त हो गया और दूसरा परिवार तबाह हो गया। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदना शोक संतप्त परिवार के साथ है। ”

जम्मू-कश्मीर में प्रवासी कामगारों व स्थानीय अल्पसंख्यकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, ताकि दहशत का माहौल पैदा हो। पिछले आठ महीनों में कई कश्मीरी पंडितों व प्रवासियों की टार्गेट किलिंग के मामले सामने आ चुके हैं।

हालांकि बीते सालों की तुलना में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की घटनाओं में कमी आई है। सुरक्षा बलों ने अब कथित अलगाववादी समर्थकों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार कि कम से कम 168 आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हैं, जबकि 75 इस साल सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए हैं। मारे गए आतंकवादियों में से 21 सीमापार से आए आतंकवादी थे।

राहुल भट की हत्या के बाद कश्मीरी पंडितों ने काजीगुंड में राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। वे लगातार हो रही आतंकवादी घटनाओं से आक्रोशित हैं।

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