मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा अंबानी और अडानी सड़े आलू की बोरी, पीएम की मिलीभगत के कारण फल फूल रहे हैं

Meghalaya Governor Satya Pal Malik said Ambani and Adani sacks of rotten potatoes are flourishing due to PM's collusion

राज्यपाल ने सरकार व अडानी की मिलीभगत पर निशाना साधा। एयरपोर्ट भी अडानी को बेच दिए। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी जब गुजरात में थे तो सोने के थे, लेकिन दिल्ली आते ही बदल गऐ।

पीएम मोदी के साथ से अडानी विश्व के अमीरों में तीसरे स्थान पर हैं। अंबानी ने भी अपनी बेटी की शादी पर 300 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। लेकिन एक पैसा भी दान नहीं किया और किसी संस्था या फौजियों को नहीं देता है।

इन्हें सेठ नहीं कहना चाहिए, ये सड़े हुए आलू की बोरी हैं। ये किसी काम के नहीं हैं और इन्हें कोई सम्मान नहीं दें।

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ
 

रोहतक। हरियाणा के रोहतक में शुक्रवार को मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करने पहुंचे। इस दौरान नांदल नांदल भवन में शिक्षा सम्मान समारोह 2022 में बतौर मुख्यातिथि रहे। इस दौरान राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किसानों के पक्ष में खड़े रहने की बात पर सरकार को घेरा और कहा अभी दोबारा लड़ाई लड़नी होगी। वहीं अंबानी-अडानी पीएम की मिलीभगत के कारण फल फूल रहे हैं। उन्होंने अंबानी और अडानी को सड़े आलू की बोरी बताया।

वहीं कार्यक्रम में पहुंचे राज्यपाल के सम्मान को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। जब समय के अभाव में कुछ लोगों का सम्मान करने के लिए नाम नहीं लिया तो राज्यपाल के समक्ष ही विवाद हो गया। लेकिन जल्दी ही सुलझ भी गया। राज्यपाल के कार्यक्रम को लेकर पंडाल में काफी कुर्सियों लगवाई गई थी। वहीं राज्यपाल पहुंचने से पहले लोगों की संख्या कम रही तो पीछे की कुर्सियां ही उठवा दी गई।

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा की वे एक महीने में कम से कम 6 पब्लिक मीटिंग कर रहे हैं। जो सभी किसानों के बीच में हरियाणा, राजस्थान व पंजाब में की जा रही है। क्योंकि अभी किसानों को आसानी से इंसाफ मिलता नजर नहीं आ रहा है। इसलिए दोबारा से लड़ाई लड़नी पड़ेगी। एमएसपी को सरकार ने फंसा दिया है और उनकी नीयत भी ठीक नहीं लगती।

उन्होंने कहा कि मैं पीएम मोदी के खिलाफ में नहीं हूं। वे जब गुजरात में थे तो उनका प्रसंशक था। नरेंद्र मोदी ने गुजरात में रहते हुए प्रधानमंत्री को एमएसपी के लिए चिट्‌ठी लिखी थी। लेकिन यह दिल्ली है पता नहीं क्या कर देती है, दिल्ली आने के बाद उनमें फर्क आ गया है। अब उनमें जितनी तकलीफ किसान के लिए होनी चाहिए, वह दिखती नहीं हैं।

राज्यपाल ने कहा कि वे पीएम मोदी से मिलेंगे और कहेंगे कि जिस देश का जवान व किसान खुश नहीं है। उस देश को कोई नहीं बचा सकता है। दोनों का ही सत्यानाश कर दिया है। जवानों को अग्नि वीर कर दिया और किसानों की मांग सुनते नहीं हैं। 700 किसान दिल्ली बॉर्डर पर मरे थे। जबकि कुतिया भी मरती है तो पीएम की चिट्‌ठी जाती है, लेकिन 700 किसानों की मौत पर किसी नेता का भी कोई बयान नहीं आया।

किसानों के लिए जेब में इस्तीफा रख पीएम से मिले
राज्यपाल सत्यपाल मलिक बोले कि जब किसानों के पक्ष में किसी भी नेता का बयान तक नहीं आया तो वे खुद अपना इस्तीफा जेब में रखकर पीएम से मिलने गए। उनको किसानों से बातचीत करने के लिए कहा, लेकिन उनका कहना था कि चले जाएंगे। जिस पर राज्यपाल ने कहा कि आप बॉर्डर पर बैठे लोगों को आप जानते नहीं हो, ये तब जाएंगे जब आप चले जाएंगे। इनसे लड़कर नहीं बातचीत से जीत सकते हैं।

उस समय बात समझ नहीं आई, लेकिन देरी से आई और तीनों कानून वापस लिए। उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों ने अपने बड़े-बड़े गोदाम बना लिए है। अड़ानी ने पानीपत में गोदाम बनाकर सारा अनाज भर दिया है। जब अनाज महंगा होगा तब वे अनाज बेचेंगे। जबकि किसान को मजबूरी के कारण अनाज पैदा होते ही बेचने चला जाता है।

अडानी-अंबानी पर साधा निशाना
राज्यपाल ने सरकार व अडानी की मिलीभगत पर निशाना साधा। एयरपोर्ट भी अडानी को बेच दिए। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी जब गुजरात में थे तो सोने के थे, लेकिन दिल्ली आते ही बदल गऐ। पीएम मोदी के साथ से अडानी विश्व के अमीरों में तीसरे स्थान पर हैं। अंबानी ने भी अपनी बेटी की शादी पर 300 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। लेकिन एक पैसा भी दान नहीं किया और किसी संस्था या फौजियों को नहीं देता है। इन्हें सेठ नहीं कहना चाहिए, ये सड़े हुए आलू की बोरी हैं। ये किसी काम के नहीं हैं और इन्हें कोई सम्मान नहीं दें।

पीएम मोदी कर रहे कुछ लोगों को मालदार
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि पीएम मोदी कुछ लोगों को मालदार कर रहे हैं। अडानी की सारी प्रोग्रस के कारण हैं। क्या पता मोदी खुद फायदा ले रहे होंगे। अडानी ने इतना रुपये कर्ज ले रखा है कि वह डूब गया तो देश के सभी बैंक डूब जाएंगे। सरकार क्यों नहीं उसके यहां रेड करती और गिरफ्तार नहीं करती। पीएम मोदी की दोस्ता का फायदा उठा रहा है।

खंजर पे कोई छींट ना कपड़ों पे कोई दाग
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किसानों को लेकर उठाए जा रहे कदमों पर पुरानी कव्वाली को याद किया। जिसमें उन्होंने कव्वाली बताते हुए कहा कि खंजर पे कोई छींट ना कपड़ों पे कोई दाग, कत्ल किए हैं कि करामात किए हैं। उनसे एक किसान ने तो यहां तक कहा था कि यह हिसाब हमें मत समझाओ, अगर समझ लेंगे तो जहर खा लेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक एमएसपी लागू नहीं होगी तब तक किसान की जंग खत्म होने वाली नहीं हैं।
 
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