सुसाइड सिटी बनती जा रही कोटा: छात्र-बोले दिल टूट रहा क्या करें...यह स्टोरी पढ़ कैंसिल कर देंगे मरने का प्लान

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Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ  

कोटा। शिक्षा की नगरी के साथ ही सुसाइड़ सिटी के नाम से फेमस होती जा रहे राजस्थान के कोटा शहर में चेतन भगत ने बच्चों का मन हल्का करने की कोशिश की। मशहूर लेखक चेतन भगत से जब बच्चों ने सवाल किए तो भगत ने उनको अपनी लाइफ स्टोरी सुनाई और कहा कि इससे आप प्रेरणा ले सकते हैं।

मौका था कोटा के यूआईटी ऑडिटोरियम में आयोजित छात्रों से जुड़े एक कार्यक्रम का....। चेतन भगत ने काफी देर तक बच्चों से बातचीत की ... उनके मन की जानी और बाद में अपने मन की कही...। 

गर्लफ्रेंड से बात करते हैं तो सब ठीक रहता है...

कार्यक्रम के दौरान कई कोचिंग के छात्र और उनके मैनेजमेंट वहां पर बैठे थे। चेतन भगत सुसाइड़ और मेंटल हैल्थ पर बात कर रहे थे। एक स्टूडेंट ने कहा कि सर पढ़ाई कर रहे हैं, अच्छी बात हैं। गर्लफ्रैंड है उससे बातचीत करते रहते हैं तो पढ़ाई भी सही चलती रहती है।

लेकिन ब्रेकअप हो गया तो अब क्या करें...। मन ही नहीं करता बुक उठाने का...। एक छात्र ने कहा कि सवेरे उठने से लेकर रात को सोने तक किताबों में ही जीवन बीत रहा है...ऐसा जीवन किस काम का....। कुछ तो ब्रेक मिले कम से कम....।  

चेतन भगत ने सुनाई छात्रों को इमोशनल स्टोरी

इन सवालों के जवाब में चेतन भगत ने मैनेजमेंट, परिवार के लोगों के साथ ही छात्रों को भी जवाब दिए। उन्होनें अपने जीवन की स्टोरी भी सुनाई। भगत ने कहा कि अगर आप डॉक्टर इंजीनियर नहीं बनते तो क्या हो गया.....।

अस्पताल के बाहर छोटा रेस्टारेंट खोल लो, सब कुछ फ्रैश दो, पता चला कि डॉक्टर से भी ज्यादा कमा रहे हो। मरना अंत नहीं है भाई.... वह जीवन भर का पछतावा है मा बाप के लिए। चेतन भगत ने अपनी स्टोरी सुनाई उन्होनें कहा कि दिमाग सभी का एक सा होता है, उसे कैसे कमांड किया जाए बस यही सबक है जीवन का....। 

छात्रों के लिए बताया प्लान बी...ये रखें तो सब ठीक होगा

भगत ने कहा कि मैंने जेईई, आईआईएम, फिल्में, बुक लिखी,  मोटिवेशनल स्पीकिंग में कॅरियर बनाया और अब यूट्यूब चैनल स्टार्ट किया। सब कर रहा हूं और उनमें से बहुत कुछ अच्छा चल रहा है।

सोशल मीडिया या रील बनाने या लाईक और कमेंट करने से कुछ हासिल नहीं होगा। काम के समय सोशल मीडिया यूज करना सही नहीं है। परिवार के लिए कहा कि ज्यादा दबाव नहीं बनाए बच्चों पर, प्लान बी भी रेडी रखें तो सब सही होगा।

कोचिंग संचालकों को कहा कि मनोरंजन क्या होता है वह भी याद रखें तभी बच्चे बचेंगे। उल्लेखनी है कि एक महीने के दौरान कोटा में दस से ज्यादा बच्चों ने सुसाइड़ कर लिया था पिछले दिनों, इससे हडकंप मच गया था

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