गुजरातियों और राजस्थानियों को निकाल दो तो मुंबई आर्थिक राजधानी नहीं बचेगी, राज्यपाल के इस बयान पर हो रहा विवाद

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Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) अपने एक बयान के चलते विवादों में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर गुजरातियों और राजस्थानियों को निकाल दिया जाए तो महाराष्ट्र में पैसे नहीं बचेंगे। मुंबई आर्थिक राजधानी नहीं रह जाएगी।

भगत सिंह कोश्यारी ने शनिवार को कहा कि गुजरातियों और राजस्थानियों को हटा दिया जाता है तो मुंबई में पैसा नहीं बचेगा। यह देश की आर्थिक राजधानी नहीं रहेगी।

मुंबई में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कोश्यारी ने कहा, "मैं यहां के लोगों से कहता हूं कि अगर महाराष्ट्र से गुजरातियों और राजस्थानियों को हटा दिया जाता है, खासकर मुंबई और ठाणे से, तो आपके पास पैसे नहीं होंगे और मुंबई आर्थिक राजधानी नहीं होगी।"

कोश्यारी ने की राजस्थान और गुजरात के लोगों के योगदान की प्रशंसा

कोश्यारी ने मुंबई के पश्चिमी उपनगर अंधेरी में एक चौक के नामकरण समारोह के दौरान यह बयान दिया। कोश्यारी ने मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी बनाने में राजस्थान और गुजरात के लोगों के योगदान की प्रशंसा की।

राज्यपाल ने कहा कि राजस्थानी-मारवाड़ी समुदाय देश के विभिन्न हिस्सों तथा नेपाल और मॉरीशस जैसे देशों में भी रह रहा है। इस समुदाय के सदस्य जहां भी जाते हैं, वहां वे न केवल व्यापार करते हैं, बल्कि स्कूल और अस्पताल बनाकर परोपकार के काम भी करते हैं।

कांग्रेस की मांग- माफी मांगे राज्यपाल

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंधे ने राज्यपाल की उनकी टिप्पणी के लिए आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के बयान से राज्य के लिए उनकी नफरत की बू आ रही है।

राज्यपाल को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।शिवसेना सांसद संजय राउत ने कोश्यारी के बयान की निंदा की। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से राज्यपाल द्वारा दिए गए बयान की निंदा करने का आग्रह किया।

राउत ने ट्वीट किया, "भाजपा प्रायोजित मुख्यमंत्री के सत्ता में आते ही मराठी आदमी का अपमान हो रहा है। सीएम शिंदे, कम से कम राज्यपाल की निंदा करें। यह मराठी मेहनती लोगों का अपमान है।"

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