प्रधानमंत्री के ''परीक्षा पे चर्चा'' से बच्चों को मिलती है नई ऊर्जा और दृष्टि : राकेश सिन्हा

 प्रधानमंत्री के ''परीक्षा पे चर्चा'' से बच्चों को मिलती है नई ऊर्जा और दृष्टि : राकेश सिन्हा

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ 

बेगूसराय। परीक्षा का तनाव कम करने के लिए 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए जाने वाले परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को लेकर व्यापक पैमाने पर तैयारी की जा रही है। इस वर्ष का परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम इतिहास रचने वाला है।

इसको लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय जहां अधिक से अधिक बच्चों को इस कार्यक्रम में शामिल कराने के लिए विभागीय स्तर पर प्रेरित कर रहा है, तो जनप्रतिनिधि भी बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को लगातार प्रेरित कर रहे हैं। सरकारी स्तर पर इसके जागरूकता के लिए स्कूली बच्चों के बीच आर्ट एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन कर बच्चों को पुरस्कृत किया गया। बच्चों के बीच प्रधानमंत्री द्वारा लिखित एग्जाम वॉरियर्स पुस्तक का वितरण किया गया है।

राज्यसभा सदस्य प्रो. राकेश सिन्हा ने अधिक से बच्चों को इसमें शामिल होने की अपील किया है। उन्होंने कहा है कि पूरी दुनिया में स्कूली बच्चे परीक्षा के तनाव में रहते हैं। परीक्षा के इस तनाव पर दो हजार से अधिक शोध पत्र लिखे जा चुके हैं। दुनियाभर में एनजीओ इस पर काम कर रहा है।

परीक्षा के तनाव के कारण बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं, अभिभावक और शिक्षक दबाव में रहते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसके लिए बच्चों से संवाद करने का अनोखा माध्यम निकाला है। वह बच्चों से कहते हैं कि हमेशा यह करो यह नहीं करो और इसके दायरे में रखते हैं, लेकिन उन्हें हम सुनते नहीं।

प्रधानमंत्री ने कहा है कि बच्चों के मानसिक स्तर को देखते हुए, उनके नई उर्जा और दृष्टि को देखते हुए संवाद करना चाहिए। स्कूली बच्चे, शिक्षकों और अभिभावकों के दायरे में सीमित रहते थे, उनको प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समाजिक विमर्श और सांस्कृतिक दायरे का हिस्सा बना दिया।

आज बच्चों को महसूस हो रहा है कि भारतीय गणतंत्र से जुड़े देश के सबसे बड़े पद पर बैठे व्यक्ति उनसे संवाद कर रहे हैं। उनकी भाषा, उनकी जुबान, उनके मानसिक स्तर की बातें कर रहे हैं, प्रोत्साहित कर रहे हैं।

नरेन्द्र मोदी ने इसे जन आंदोलन का रूप दे दिया है। सभी जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे बच्चों के बीच जाकर परीक्षा पर संवाद करें। इस अनोखा और बुनियादी चीजों को इंट्रोड्यूस किया गया है। परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम पूरी दुनिया में प्रतिमान की तरह होगा। अन्य देशों में इसे आजमाया जाए तो बच्चों की उस समस्या को दूर कर पाएगा, बच्चों के अभिव्यक्ति की ताकत को बढ़ावा मिलेगा।

Share this story