ईडी ने कोलकाता में कारोबारी के ठिकाने पर छापेमारी कर 17.32 करोड़ रुपए बरामद किया

ED raids businessman's hideout in Kolkata and recovers Rs 17.32 crore

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

कोलकाता। ईडी ने शनिवार को कोलकाता में एक कारोबारी के ठिकाने पर छापेमारी कर 17.32 करोड़ रुपए बरामद किया। शनिवार देर रात तक मशीनों से नोटों की गिनती की गई। अब इस मामले में राजनीति शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर ईडी की मदद से राज्य सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है। टीएमसी नेता हाकिम ने पूछा कि क्या ईडी की जांच पश्चिम बंगाल और उन राज्यों तक ही सीमित है जहां विपक्षी दलों की सरकार है। 

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत कोलकाता की एक मोबाइल गेमिंग ऐप कंपनी के प्रमोटरों पर छापेमारी की थी। एजेंसी ऐप प्रमोटरों के राजनीतिक लिंक की जांच कर रही है और पता लगा रही है कि बरामद किए गए पैसे से किसे फायदा होने वाला था। एजेंसी को जानकारी मिली थी कि गेमिंग ऐप की मदद से भोले-भाले गेमर्स से धोखाधड़ी की जा रही है।

नहीं मिला मुख्य आरोपी आमिर खान 
ईडी ने बरामद किए गए पैसों की तस्वीर जारी की है। इसमें 500 और 2000 रुपए के सैकड़ों बंडलों को देखा जा सकता है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि नकदी कोलकाता के गार्डन रीच इलाके में स्थित एफ 7. एन ए खान परिसर से बरामद की गई। ईडी आमिर खान नाम के मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है। वह छापेमारी वाले परिसर में नहीं मिला।

एजेंसी के अधिकारियों ने नोट गिनने के लिए बैंक कर्मचारियों की मदद ली। पांच मशीनों से घंटों तक नोटों की गिनती की गई। इसके बाद नोटों को स्टील के बॉक्स में रखकर बैंक ले जाया गया। ईडी ने एक बयान में कहा कि उसकी तलाशी 'ई-नगेट्स' नाम के गेमिंग ऐप से जुड़े आधा दर्जन स्थानों और उसके प्रमोटर आमिर खान और अन्य पर की गई।

 टीएमसी और भाजपा के बीच जुबानी लड़ाई शुरू
ईडी की ताजा छापेमारी के बाद टीएमसी और भाजपा के बीच जुबानी लड़ाई शुरू हो गई। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि उनकी पार्टी का संबंधित व्यवसायी से कोई लेना-देना नहीं है। केंद्र सरकार ईडी और अन्य एजेंसियों द्वारा राज्य के कारोबारियों का उत्पीड़न कर रही है। उनकी कोशिश डर फैलकर राज्य से निवेशकों को दूर करना है। इसके जवाब में भाजपा ने कहा है कि छापेमारी सिर्फ बेईमान व्यापारियों के खिलाफ हो रही है। अगर टीएमसी के नेताओं के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो वे डर क्यों रहे हैं।

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