एक सुर में बोले कांग्रेस नेता : नेशनल हेराल्ड में लेनदेन से जुड़ा हर फैसला मोतीलाल वोरा लेते थे

Congress leader said in unison: Motilal Vora used to take every decision related to transactions in National Herald

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ   

नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड केस में सभी कांग्रेस नेताओं ने वित्तीय लेनदेन की जानकारी से अपना पल्ला झाड़ लिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन बंसल तक ने कहा कि लेनदेन से जुड़ा हर फैसला मोतीलाल वोरा लेते थे। हालांकि, वे इसका सबूत नहीं दे सके।

जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कई फर्जी कंपनियां मिलीं
कांग्रेस नेता मल्लिार्जुन खड़गे यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एक मात्र कर्मचारी हैं। ऐसे में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पास पूछताछ के लिए खड़गे को बुलाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच के दौरान ईडी को कई फर्जी कंपनियां मिलीं। जिनसे यंग इंडिया का लेनदेन होता था। ईडी को कंपनी के 90 करोड़ की लेनदेन पर शक है।

मल्लिकार्जुन खड़गे से प्रवर्तन निदेशालय ने 8 घंटे पूछताछ की
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से 8 घंटे पूछताछ की थी। जांच एजेंसी ने उनसे यंग इंडिया के ऑफिस में ही पूछताछ की। पूछताछ दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुई। इस दौरान ऑफिस की तलाशी भी ली गई।

खड़गे 8 घंटे बाद रात करीब 8:30 बजे दफ्तर से बाहर निकले। इधर, ED के समन पर राज्यसभा में भी विपक्ष के नेता खड़गे ने गुरुवार को ही सवाल उठाया था। उन्होंने पूछा था कि क्या संसद की कार्यवाही के दौरान बुलाना सही है? इस पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जवाब दिया कि कोई गलत करेगा तो एजेंसियां तो एक्शन लेंगी ही। इसके बाद दोनों में बहस शुरू हो गई।

यंग इंडिया का दफ्तर सील
इससे पहले बुधवार को भी यहां तलाशी ली जा चुकी है। छापेमारी के बाद ईडी ने नेशनल हेराल्ड की बिल्डिंग में यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का ऑफिस सील कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस ने नेता बीजेपी पर हमलावर हो गए और देश के लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया।

कांग्रेस के दिग्गज नेता थे मोतीलाल वोरा

Veteran Indian politician Motilal Vora, the likely new intern president of India's main opposition Congress party, according to Indian media reports,...
मोतीलाल वोरा कांग्रेस के दिग्गज नेता थे। वे दो बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। 2000 से 2018 तक (18 साल) पार्टी के कोषाध्यक्ष भी रहे थे। 21 दिसंबर 2021 में उनका निधन हो गया था। 1970 में कांग्रेस में शामिल हुए। 1972 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। इसके बाद 1977 और 1980 में भी विधायक चुने गए। अर्जुन सिंह की कैबिनेट में पहले उच्च शिक्षा विभाग में राज्य मंत्री रहे। 1983 में कैबिनेट मंत्री बनाए गए। 1981-84 के दौरान वे मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के चेयरमैन भी रहे।
 
यह भी पढ़ें : देश का पहला पैसेंजर ड्रोन तैयार : 130 किलोग्राम के वजन के साथ उड़ान भर सकता है और 25 किमी. का सफर 25 से 33 मिनट में पूरा कर लेगा

Share this story