1995 के रसोइया मर्डर केस में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया , एयरफोर्स के दो रिटायर्ड और एक वर्किंग अफसर को उम्रकैद की सजा

In the 1995 cook murder case, the court gave its verdict, two retired Airforce and one working officer were sentenced to life imprisonment.

इस मामले में सात लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से तीन को कोर्ट ने ​​​बरी कर दिया, जबकि एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।

सूद, वायुसेना से ग्रुप कैप्टन के पद से रिटायर हो चुके हैं और अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में खुद को मोटिवेशनल स्पीकर और NSG से कमांडो का प्रशिक्षण प्राप्त बताते हैं। अनिल भी वायुसेना से रिटायर हो चुके हैं। सहरावत अब भी एयरफोर्स में सेवारत हैं।

Newspoint24/ newsdesk / एजेंसी इनपुट के साथ

अहमदाबाद। एयरफोर्स के दो रिटायर्ड और एक वर्किंग अफसर को अहमदाबाद की सीबीआई (CBI) स्पेशल कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। 1995 के रसोइया मर्डर केस में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। गुजरात के जामनगर स्थित वायुसेना के सेंटर में गिरिजा रावत नाम के रसोइए को नवंबर 1995 में कैंटीन से शराब चोरी करने आरोप में प्रताड़ित किया गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। स्पेशल जज एनडी जोशी की कोर्ट ने जामनगर एयरफोर्स-I के तत्कालीन स्क्वाड्रन लीडर अनूप सूद और तत्कालीन सार्जेंट केएन अनिल और महेंद्र सिंह सहरावत को दोषी करार दिया।

सात आरोपी, तीन बरी, एक की मौत
इस मामले में सात लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से तीन को कोर्ट ने ​​​बरी कर दिया, जबकि एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। सूद, वायुसेना से ग्रुप कैप्टन के पद से रिटायर हो चुके हैं और अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में खुद को मोटिवेशनल स्पीकर और NSG से कमांडो का प्रशिक्षण प्राप्त बताते हैं। अनिल भी वायुसेना से रिटायर हो चुके हैं। सहरावत अब भी एयरफोर्स में सेवारत हैं।

हाईकोर्ट ने कराई CBI जांच
रावत की पत्नी की याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट ने मामले की जांच CBI से कराने का आदेश दिया था। CBI ने 22 फरवरी 2012 को मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। CBI के प्रवक्ता आरसी जोशी ने बताया- ‘‘यह आरोप था कि 13 नवंबर 1995 को स्क्वॉड्रन लीडर अनूप सूद सहित 10-12 वायुसेना पुलिस के अधिकारियों ने रावत के आवास की तलाशी ली और वायुसेना की कैंटीन से शराब चोरी का गुनाह कबूल करने के लिए मजबूर किया। रावत की पत्नी उसी दिन शाम को पति को रिहा कराने के लिए गार्ड रूम गई थीं।’’

जोशी ने बताया- ‘‘पत्नी को बताया गया कि जल्द ही उनके पति को रिहा कर दिया जाएगा। आरोपियों ने कथित तौर पर उसे यातना दी, जिससे रावत की मौत हो गई। 14 नवंबर 1995 को पत्नी को रावत की मौत की जानकारी दी गई और शव ले जाने को कहा गया।’’

2013 में आरोप पत्र दाखिल हुआ
उन्होंने बताया कि CBI ने मामले की गहन जांच के बाद 30 जून 2013 को आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र और हत्या के मामले के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। जोशी ने बताया- ‘‘हाल में निचली अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया और सजा सुनाई।’’

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