बड़ी राहत: लोन न चुकाने वाले किसानों के खेत या प्रॉपर्टी बैंक नीलाम नहीं कर सकेंगे, सरकार लाने जा रही कानून

बड़ी राहत: लोन न चुकाने वाले किसानों के खेत या प्रॉपर्टी बैंक नीलाम नहीं कर सकेंगे, सरकार लाने जा रही कानून

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

नई दिल्ली। किसानों को कर्नाटक सरकार बड़ी राहत देने जा रही है। कर्ज के बोझ तले दबे किसानों को एक राहत राज्य सरकार देने जा रही है। कोई भी बैंक, लोन न चुकाने की स्थिति में किसानों की जमीन या संपत्ति को न तो जब्त कर सकेंगी न ही उसको नीलाम कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि कर्नाटक सरकार कृषि उद्देश्यों के लिए लिए गए ऋण के भुगतान में देरी या भुगतान न करने पर किसानों की संपत्ति की जब्ती या नीलामी को रोकने के लिए एक कानून पेश करेगी।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री शनिवार को गांधी कृषि विज्ञान केंद्र कैंपस में लगे कृषि मेला के समापन में किसानों को पुरस्कृत करने पहुंचे थे। उन्होंने ऐलान किया कि सरकार जल्द किसानों को राहत देने वाला कानून लाने जा रही है।

उन्होंने कहा कि अगर कोई किसान किसानी-खेती के लिए कोई ऋण लिया है और उसका समय से भुगतान नहीं कर सका है तो कोई बैंक उनकी जमीन को जब्त नहीं करेंगे। बैंक या लोन देने वाली संस्था, उन किसानों को लोन चुकाने के लिए समय देंगे न कि उनकी जमीनों को नीलाम करेंगे।

उन्होंने बताया कि सहकारिता विभाग व अन्य जगहों पर किसानों के लोन को लेकर पहले ही यह आदेश दिया जा चुका है। अब बैंकों के लिए एक कानून बनाया जाएगा।

स्वास्थ्य बीमा योजना 1 नवम्बर से फिर शुरू किया

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बताया कि यशस्विनी स्वास्थ्य बीमा योजना 1 नवम्बर से राज्य में फिर से शुरू किया गया है। राज्य सरकार, किसानों के लिए और योजनाएं लागू करने जा रही है।

इस साल दस लाख अतिरिक्त किसानों को कृषि लोन देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में दो कृषि विश्वविद्यालय धारवाड़ और बेंगलुरू करीब छह दशक से किसानों के हित के लिए काम कर रहे हैं।

दोनों विश्वविद्यालयों को एक-एक हजार एकड़ कृषि भूमि प्राकृतिक खेती के लिए आरक्षित किया गया है। यहां यह दोनों विश्वविद्यालय कम पूंजी में उत्पादन को बढ़ाने के साथ बिना रसायनों के उपयोग के फसल उगाएंगे और यह तरीका किसानों से साझा कर उनका सहयोग करेंगे।

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