सावधान ! 3 सेकेंड में ही आपकी आवाज को हूबहू कॉपी कर लेगा यह टूल, बढ़ा सकता है परेशानी

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Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ  

नई दिल्ली। इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी ने हर किसी को सोचने पर मजबूत कर दिया है। इसी की चर्चाओं हो रही हैं, सुर्खियों में भी यह टूल चल रहा है। इससे जुड़े नए-नए प्रयोग को लेकर कई तरह की बातें की जा रही हैं।

आज मार्केट में कई AI टूल मौजूद हैं। इसी बीच टेक दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने एक ऐसा एआई टूल लॉन्च किया है, जो सिर्फ तीन सेकेंड में किसी भी आवाज को हूबहू कॉपी कर लेता है।

इससे आसानी से ऑडियो कंटेंट बनाया जा सकता है। जिससे ऑनलाइन स्कैम भी बढ़ सकता है। इस टूल का नाम VALL-E है। आइए जानते हैं यह किस तरह से खतरनाक हो सकता है..

तीन सेकेंड में हूबहू कॉपी कर लेगा आपकी आवाज

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने इस टूल को 60,000 घंटे के इंग्लिश स्पीच पर ट्रेन किया है। इसके साथ ही स्पीकर के इमोशन और टोन को भी यह टूल आसानी से दोहरा सकता है। इस नए टूल को लेकर कुछ चिंताएं भी हैं। अगर इसका गलत इस्तेमाल हुआ तो इससे कई तरह के गलत काम हो सकते हैं। 

इस टूल के क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं

VALL-E टूल की बात करें तो यह किसी की आवाज को कॉपी कर सकता है। इससे स्पैम कॉल को बढ़ावा मिल सकता है और इससे ऑनलाइन स्कैम भी बढ़ सकते हैं। किसी भी सेलिब्रिटी, पब्लिक फेस या राजनेता की आवाज कॉपी कर सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक जानकारी भी फैलाई जा सकती है।

बैंक से जुड़े स्कैम को भी बढ़ावा मिल सकता है। क्योंकि कुछ बैंक कॉल करने वाले की पहचान को वेरिफाई करने के लिए वॉइस रिकग्निशन तकनीक का यूज करते हैं। लेकिन इस टूल से यह पता लगाना मुश्किल होगा कि कॉलर वास्तविक है या नहीं। इससे कई तरह के फ्रॉड हो सकते हैं।

इस टूल का सही इस्तेमाल हो

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट से भी इस टूल को इस तरह रेगुलेट करने को कहा जा रहा है , जिससे इसका इस्तेमाल सही काम के लिए हो सके और गलत काम अंजाम न दिए जा सके।

वहीं, कंपनी ने भी इसको लेकर कहा है कि उनकी कोशिश है कि इस टूल का इस्तेमाल हमेशा अच्छे कामों के लिए हो, ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके।

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