NEET विवाद- सुप्रीम कोर्ट का NTA को नोटिस:कहा- धोखाधड़ी से डॉक्‍टर बना व्‍यक्ति खतरनाक

NEET विवाद- सुप्रीम कोर्ट का NTA को नोटिस:कहा- धोखाधड़ी से डॉक्‍टर बना व्‍यक्ति खतरनाक
बेंच ने सरकार और NTA से यह भी कहा कि कल्पना कीजिए कि सिस्टम के साथ धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति डॉक्टर बन जाता है, वह समाज के लिए और भी ज्यादा खतरनाक है। इससे पहले 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने इसी तरह की टिप्‍पणी कर ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (AIPMT) की परीक्षा रद्द की थी।

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में NEET UG विवाद पर ग्रेस मार्क्स से जुड़ी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। अदालत ने कहा, 'अगर किसी की ओर से 0.001% भी लापरवाही हुई है तो उससे पूरी तरह निपटा जाना चाहिए। बच्चों ने परीक्षा की तैयारी की है, हम उनकी मेहनत को नहीं भूल सकते हैं।'

बेंच ने सरकार और NTA से यह भी कहा कि कल्पना कीजिए कि सिस्टम के साथ धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति डॉक्टर बन जाता है, वह समाज के लिए और भी ज्यादा खतरनाक है। इससे पहले 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने इसी तरह की टिप्‍पणी कर ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (AIPMT) की परीक्षा रद्द की थी।

तब कोर्ट का कहना था, 'एक भी फर्जी डॉक्‍टर बनता है तो पूरी परीक्षा रद्द होनी चाहिए। इस बात के सबूत हैं कि परीक्षा में इलेक्‍ट्रानिक डिवाइसेज का इस्‍तेमाल हुआ है, लेकिन कितने स्‍टूडेंट्स ने इसका इस्‍तेमाल किया, ये नहीं कहा जा सकता। ऐसे में परीक्षा रद्द करना जरूरी है।'

 

4 याचिकाओं को 8 जुलाई को सुनवाई
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस एसवी भट्‌टी की वैकेशन बेंच ने इस मामले से जुड़ी 4 याचिकाओं को 8 जुलाई को सुनवाई के लिए लिस्ट कर दिया गया है। वकीलों से भी उसी दिन सभी मामलों पर बहस करने के निर्देश दिए हैं। 4 जून को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET का रिजल्ट घोषित किया था। पहली बार ऐसा हुआ है जब 67 कैंडिडेट को 720 में से 720 नंबर मिले हैं।

कोर्ट रूम लाइव...

जस्टिस नाथ (वकील से) : आप सभी मामलों पर 8 को बहस करें।

याचिकाकर्ता के वकील : मैं केवल यह अपील कर रहा हूं कि जांच कहां तक पहुंची उसका स्टेटस बताया जाए।

जस्टिस नाथ : सभी पार्टीज को मामले से जोड़ा जाए, इसे 8 जुलाई को लिस्ट करें। NTA और सरकार भी 2 हफ्ते में जवाब देगी।

जस्टिस भट्‌टी : अगर किसी से भी लापरवाही हुई है तो उससे पूरी तरह निपटा जाना चाहिए। स्पष्ट रूप से हम प्रतिक्रिया करते हैं, लेकिन छुट्टियों में यह थोड़ा स्लो प्रोसेस होता है।

याचिकाकर्ता : उन्हें जांच को रिकॉर्ड पर रखना चाहिए।

जस्टिस भट्‌टी : अगली सुनवाई में आप सारे खुलासे कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में 4 याचिकाएं, जानिए इनमें अब तक क्या हुआ

  • पहली: स्‍टूडेंट शिवांगी मिश्रा और 9 अन्य छात्रों ने रिजल्ट की घोषणा से पहले 1 जून को दायर की। काउंसलिंग पर रोक लगाने के साथ परीक्षा रद्द कर जांच की मांग की गई। सुप्रीम कोर्ट ने काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
  • दूसरी: पिटिशनर हितेश सिंह कश्यप ने दायर की। गुजरात के गोधरा में जय जल राम परीक्षा सेंटर को चुनने के लिए कर्नाटक, ओडिशा, झारखंड आदि राज्यों में 26 छात्रों ने 10-10 लाख रुपए घूस दी थी। याचिका में पेपर लीक की CBI जांच की मांग की गई है। सुनवाई 8 जुलाई को होगी।
  • तीसरी: फिजिक्सवाला के को फाउंडर अलख पांडेय ने 1563 स्टूडेंट को ग्रेस मार्क्स दिए जाने के खिलाफ याचिका लगाई। 13 जून को सुनवाई हुई। NTA ने कहा- 1563 स्टूडेंट्स के ग्रेस मार्क्स रद्द कर दिए जाएंगे। सभी स्टूडेंट्स के रिजल्ट बिना ग्रेस मार्क्स के जारी किए जाएंगे। ये फिर से एग्जाम दे सकते हैं।
  • चौथी: 20 स्टूडेंट्स ने परीक्षा को रद्द करने और फिर से एग्जाम कराने की अपील की। साथ ही इस मामले की जांच CBI या किसी दूसरी स्वतंत्र एजेंसी से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराए जाने की मांग की।

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