ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे : 12 लेयर की सिक्योरिटी में सच तलाशने में जुटी 52 लोगों की टीम 17 मई को असलियत दुनिया के सामने आएगी

Survey in Gyanvapi Masjid: A team of 52 people engaged in finding the truth in 12 layer security, the reality will come before the world on May 17

Newspoint24/ newsdesk / एजेंसी इनपुट के साथ


वाराणसी। ज्ञानवापी मस्जिद में दूसरे दिन भी सर्वे चल रहा है। 52 लोगों की टीम इस समय छत पर मौजूद है। आज सर्वे पूरा होने की उम्मीद है। पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने कहा कि आज सुरक्षा थोड़ी और बढ़ा दी गई है। सर्वे के पहले दिन परिसर के बाहर 10 लेयर की सिक्योरिटी थी, जिसे आज 12 लेयर की कर दी गई है। इन बातों का विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि दर्शन-पूजन करने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।

आज बरामदे, छत, गुंबद, तालाब, बाहरी दीवारों आदि की भी वीडियोग्राफी होनी है। छत पर जाने के लिए सीढ़ियां मंगाई गई थीं। सभी वादी, प्रतिवादी पक्ष और एडवोकेट के साथ एडवोकेट कमिश्नर सहित 52 लोगों की टीम की मौजूदगी में सर्वे चल रहा है। बता दें कि कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को पहले दिन 50% एरिया में वीडियोग्राफी और सर्वे हुआ। 

रविवार सुबह गोदौलिया से गेट नंबर-4 यानी ज्ञानवापी तक पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने पैदल मार्च किया और शांति बनाये रखने की अपील की।
इस बीच कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से सर्वे चल रहा है। वादी और प्रतिवादी सहित 52 लोग सहयोग कर रहे हैं। सुरक्षा को देखते हुए आज भी 500 मीटर के एरिया में पब्लिक की एंट्री बैन कर दी गई है। ज्ञानवापी के पास वाले गेट से काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। ज्ञानवापी के एक किलोमीटर के दायरे में करीब 1500 पुलिस और पीएसी के जवान तैनात हैं। ज्ञानवापी के 500 मीटर के दायरे में छतों पर भी सुरक्षा में जवान लगे हैं। आसपास की दुकानों को बंद करा दिया गया है, यहां के घरों से भी लोगों को निकलने की अनुमति नहीं है। दोपहर 12 बजे तक सर्वे पूरा होने की उम्मीद है, इसके बाद आसपास की दुकानें खोल दी जाएंगी।

सूत्रों के मुताबिक ज्ञानवापी परिसर मामले में हिंदू पक्ष ने जो भी दावे किए हैं, वे सभी सच साबित होंगे। इस मस्जिद के तहखानों में हजार गुना ज्यादा रहस्य छिपे हैं। 17 मई को वाराणसी के सीनियर सिविल डिविजन कोर्ट में रिपोर्ट सबमिट करने के बाद असलियत दुनिया के सामने आएगी। हिंदू पक्ष का दावा है कि नंदी महाराज के सामने जो तहखाना है, उसी में अंदर मस्जिद के बीचों-बीच आज भी शिवलिंग दबा हुआ है। पन्ना पत्थर से बने इस विशालकाय शिवलिंग का रंग हरा है। वहीं अरघा भी काफी बड़ा है।

मोती चंद्र की किताब ‘काशी का इतिहास’ के अनुसार

मोती चंद्र की किताब ‘काशी का इतिहास’ के अनुसार, विश्वेश्वर मंदिर का आकार 125 फीट ऊंचा था। इसमें 5 मंडप थे। पूरब की ओर स्थित 5वें मंडप की माप 135 फीट लंबी और 35 फीट चौड़ी थी। इसे रंग मंडप भी कहा जाता है। यहां पर धर्म संदेश और उपदेश दिए जाते थे। मंदिर का चबूतरा 7 फीट ऊंचा था, जिसे आज भी देखा जा सकता है। अब यह मस्जिद का हिस्सा है। मंदिर चौकोर था। इसका हर साइड 124 फीट लंबा था।

मंदिर के पूरब और पश्चिम में दंडपाणि और द्वारपाल के मंदिर थे। वहीं पश्चिम में शृंगार गौरी का मंदिर है। चारों कोनों पर 12-12 फीट के चार उप-मंदिर थे। नंदी महाराज और ज्ञानवापी कूप मंदिर के बाहर हैं। मंदिर और मंडपों के शिखर की ऊंचाई 64 और 48 फीट थी। वहीं, प्रदक्षिणा पथ और मंडपम में कई छोटे मंदिर बने हुए थे।

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