दिल्ली के मुंडका में आग का तांडव : अब तक 27 लोगों की मौत , आग इतनी भीषण थी कि अंदर की दीवारें चटक गईं

Fire orgy in Delhi's Mundka: 27 people died so far, the fire was so severe that the inner walls cracked

सूत्रों ने बताया है कि आग इतनी भीषण थी कि अंदर की दीवारें चटक गईं और एक दूसरे पर गिर गईं, ऐसे में मलवा हटाकर रेस्क्यू ऑपरेशन अंदर तक चलाने में दिक्कत आ रही है।

उनका कहना है कि तीसरे और चौथे फ्लोर पर रेस्क्यू के बाद घटना में मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। आग को काबू में करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को भी लगाया गया है। 

Newspoint24/ newsdesk / एजेंसी इनपुट के साथ

 नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास शुक्रवार को एक इमारत में आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई। 13 मई को शाम करीब 4.30 बजे बिल्डिंग में आग लगी और जल्द ही आग ने पूरी इमारत को गिरफ्त में ले लिया। मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास घटनास्थल पर NDRF की टीम बचाव अभियान कर रही है। जो शव मिले हैं वो ऐसी स्थिति में है कि शिनाख्त करना मुश्किल है। सूत्रों ने बताया कि इनमें से कई लोगों को दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग के जॉइंट ऑपरेशन में बचाया गया, जबकि कई लोग खुद ही बिल्डिंग से कूद गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया है ओर 27 शवों को बाहर निकाला जा चुका है। 

सूत्रों ने बताया है कि आग इतनी भीषण थी कि अंदर की दीवारें चटक गईं और एक दूसरे पर गिर गईं, ऐसे में मलवा हटाकर रेस्क्यू ऑपरेशन अंदर तक चलाने में दिक्कत आ रही है। उनका कहना है कि तीसरे और चौथे फ्लोर पर रेस्क्यू के बाद घटना में मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। आग को काबू में करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को भी लगाया गया है। 

पहले फ्लोर से हुई आग लगने की शुरुआत

दिल्ली पुलिस के DCP समीर शर्मा के मुताबिक शुक्रवार शाम पौने पांच बजे PCR पर आग लगने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही घटना स्थल पर पुलिस और दमकल विभाग के लोग पहुंचे और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिसकर्मियों ने शुरुआती रेस्क्यू के लिए बिल्डिंग की खिड़कियां तोड़ीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि बिल्डिंग का इस्तेमाल कमर्शियल तौर पर कंपनियों को स्पेस देने के लिए किया जाता था। आग लगने की शुरुआत पहले फ्लोर से हुई थी, जहां पर CCTV कैमरे और राउटर बनाए और असेंबल किए जाते थे।

मेन गेट इतना संकरा कि एक बार में बमुश्किल एक ही व्यक्ति निकल पाए

बिल्डिंग का मुख्य दरवाजा दायीं ओर की गली से होकर जाता है। मेन गेट की एंट्री इतनी संकरी थी कि एक बार में एक ही व्यक्ति या तो अंदर जा सकता है या बाहर आ सकता है।  बिल्डिंग में अंदर चारों तरफ कांच ही कांच बिखरा पड़ा था। मेन गेट के अंदर घुसते हुए ही दायीं तरफ की लिफ्ट और सामने सीढ़ियां जो ऊपर के फ्लोर की तरफ जा रही थीं  यहां सीढ़ियों की चौड़ाई करीब 3 फुट ही है।

दमकल विभाग के अधिकारियों ने कहा कि संख्या बढ़ सकती है क्योंकि और लोगों के फंसे होने की आशंका है और बचाव अभियान जारी है। आग पर काबू करने के लिए 24 से अधिक दमकल गाड़ियों को लगाया गया । आग में 40 अन्य लोग घायल हो गए। इन सभी का इलाज संजय गांधी अस्पताल में चल रहा है । 

 फायर टेंडर ने जो पानी की बौछारें इमारत पर बरसाई थीं, वो पानी गर्म होकर जगह-जगह से टपक रहा था। बिल्डिंग में सिर्फ मेन स्ट्रक्टर के पिलर ही दिख रहे थे और बाकी का सारा सामान टेबल, कुर्सियां, काजगात सब कुछ राख हो चुका था। राख में से तब भी धुआं उठ रहा था।

जिस बिल्डिंग में आग लगी, वहां कई कंपनियों के ऑफिस थे। यहां से करीब 150 लोगों को रेस्क्यू किया गया। 100 लोगों की टीम इसके लिए तैनात की गई। दिल्ली पुलिस ने घटनास्थल से संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया, ताकि घायलों को तेजी से अस्पताल तक पहुंचाया जा सके।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घटना पर शोक जताया है। पीएमओ और सीएम अरविंद केजरीवाल रेस्क्यू ऑपरेशन पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजन को दो दो लाख रुपये अहेतुक सहायता का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सहायता कोष से यह धनराशि दी जाएगी। घायलों को पचास-पचास हजार रुपये पीएम राहत कोष से दिया जाएगा। 

आउटर डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी समीर शर्मा के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आग दो मंजिलों पर फैली हुई थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पुलिस की घेराबंदी कर दी गई है। एनडीआरएफ ने भी मोर्चा संभाल लिया है। 


आग पर काबू पाने के लिए 24 गाड़ियां मौके पर

आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 24 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। दिल्ली दमकल सेवा (डीएफएस) के अधिकारियों ने बताया कि शाम चार बजकर 40 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली। डीएफएस प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि आग सबसे पहले मेट्रो स्टेशन के पिलर 544 के पास लगी। शुरुआत में दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। बाद में, अन्य 14 को आग पर काबू पाने के लिए भेजा गया। रात करीब दस बजे आग पर काबू पाया जा सका।

फर्म के मालिक को हिरासत में लिया

दिल्ली पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच में, यह पता चला है कि प्रभावित इमारत का इस्तेमाल आमतौर पर व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाता था, जैसे कि कंपनियों के लिए कार्यालय की जगह प्रदान करना। एक पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा गया, "आग इमारत की पहली मंजिल से शुरू हुई, जो एक सीसीटीवी कैमरे और राउटर बनाने वाली कंपनी का कार्यालय है।" पुलिस ने कहा कि फर्म के मालिक को हिरासत में ले लिया गया है।

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