फेक आईपीएल लीग : किराये का खेत, 400 रुपए की रोजी में मजदूर बने खिलाड़ी, CSK और MI की पहना दी जर्सी, विदेशी सट्टे के लिए बड़ा ‘खेल’

एक नकली क्रिकेट लीग, नकली मैदान, नकली क्रिकेटर और कमेंटेटर लेकिन उसपर सट्टा असली का लगाया जा रहा है और वो भी विदेश से। ये कहानी फिल्मी लगती है, लेकिन ऐसा असली में हुआ है।
गुजरात के वडनगर के एक गांव में कुछ लोग इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की तर्ज पर एक नकली क्रिकेट लीग चला रहे थे, जिसमें रूस से सट्टा लगाया जा रहा था और अब इसका भांडा फूट गया है। मेहसाणा पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चारों पर धोखाधड़ी, सट्टेबाजी समेत अन्य मामलों में केस दर्ज किया गया है। अभी इस मामले में एक आरोपी की तलाश है, जो कि रूस में रहता है और वहां से ही सट्टेबाजी के पूरे खेल को चला रहा था।
Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ
मेहसाणा। गुजरात पुलिस ने एक बड़े आईपीएल रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसकी साजिश गुजरात के एक गांव में रची गई थी। पिछले कुछ दिनों से एक फेक आईपीएल लीग का आयोजन किया जा रहा था, जिसमें फेक चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK), मुंबई इंडियंस (MI), गुजरात टाइटंस (GT) और अन्य आईपीएल टीमें शामिल थीं। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार रूस समेत यूरोपीय देशों से लीग के मैचों पर बेटिंग हो रही थी। यूट्यूब पर पर इन मैचों का लाइव स्ट्रीमिंग किया जा रहा था।
कैसे हुआ खुलासा- इस फेक लीग का आयोजन मेहसाणा जिले के वडनगर तालुका के मोलिप उर गांव में हो रहा था। मामले से पर्दाफाश होने से पहले क्वार्टरफाइनल तक मैच खेला जा चुका था। इन मैचों को यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, रूस के शहर टवेर, वोरोनिश और मॉस्को से इसमें बेटिंग हो रही थी।
कैसे बनाईं टीमें
मजदूरों और युवाओं को लेकर कर फर्जी टीमें बनाई गईं। ये लोग सीएसके, आरसीबी, एमआई, जीटी और अन्य आईपीएल टीमों की जर्सरी बदल बदल कर पहन रहे थे। स्थानीय पुलिस के अनुसार लीग विशेष रूप से सट्टेबाजी के उद्देश्यों के लिए आयोजित की गई थी और रूसी बाजार इसका टारगेट था। पुलिस आगे खुलासा करती है, बेटिंग एक टेलीग्राम चैनल के माध्यम से हो रही थी। मेहसाणा पुलिस अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और हवाला से लिंक की जांच कर रही है।
सबकुछ हकीकत लगता
आईपीएल 2022 के खत्म होने के तीन हफ्ते बाद यह फेक लीग शुरू हुआ। कुल 21 युवा और मजदूर शामिल थे। उन्होंने पांच एचडी कैमरों के सामने वॉकी-टॉकी के साथ अंपायरिंग भी की। इंटरनेट से स्टेडियम के क्राउड का आवाज डाउनलोड किया गया। इससे रूस में बैठे लोगों को सबकुछ असली प्रतीत हो रहा था। मेरठ का एक शख्स लीग में कमेंट्री कर रहा था वह मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले की आवाज निकालने में माहिर था।
रूस से लौटे शख्स ने ठगी को दिया अंजाम
बेटिंग के लिए मशहूर रूसी पब में आठ महीने काम करने के बाद मोलीपुर लौटे शोएब दावड़ा इस ठगी को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारी भावेश राठौड़ ने कहा, “शोएब ने गुलाम मसीह के खेत को किराए पर लिया और वहां हलोजन लाइटें लगाईं। उसने 21 मजदूरों को प्रति मैच 400 रुपये देने का वादा किया। इसके बाद कैमरामैन को काम पर रखा और आईपीएल टीमों की टी-शर्ट खरीदी।” शोएब ने बाद में पुलिस को बताया कि रूसी पब में काम करने के दौरान उसकी मुलाकात आसिफ मोहम्मद से हुई थी, जो इस ठगी के खेला का मास्टरमाइंड था। आसिफ ने पब में रूसी पंटर्स को क्रिकेट की बारीकियों के बारे में बताया।
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