UP : भदोही सुरियावा ब्लाक के वीरभद्रपुर में दो गुटों में खूनी संघर्ष ,एफआईआर दर्ज

UP : भदोही सुरियावा ब्लाक के वीरभद्रपुर में दो गुटों में खूनी संघर्ष ,एफआईआर दर्ज

Newspoint24.com /newsdesk /

भदोही। भदोही थाना अंतर्गत करियाव वीरभद्रपुर गांव में दो पक्षों के बीच में रास्ते के विवाद को लेकर आज सुबह जमकर मारपीट हुई मिली जानकारी के अनुसार गांव बदरपुर में एक प्राचीन तालाब है जिसमें छोटेलाल मछली पालन का काम कर रहा है ,तालाब की गहराई बढ़ाने के लिए मिट्टी निकालकर ग्राम समाज के द्वारा बनाई गई सड़क पर फेंक रहा था । जिसका कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध किया विरोध करने पर छोटेलाल के समर्थन में शिवबहादुर , राहुल, रवि ,अजय, सिंधु ,और गब्बर ने शिव शंकर यादव को जान से मारने की कोशिश की फिलहाल शिवशंकर यादव भदोही के जीवन जीत हॉस्पिटल में एडमिट है और जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है । भदोही कोतवाली ने पीड़ित शिवशंकर यादव के परिजनों की रिपोर्ट दर्ज की है और उसे पहले उपचार के लिए अस्पताल ले जाने को कहा है .गौरतलब है कि इस तालाब पर विवाद पिछले कई दिनों से चला आ रहा है यह तालाब 1949 में काशी नरेश से स्थानीय वीरभद्रपुर के निवासी गजाधर मिश्र ने ₹1400 अदा करके तालाब पर कब्जा हासिल किया था जिस पर इनका और उनके परिवार का कब्जा था तालाब के चारों तरफ आम के कई वृक्ष लगाए गए थे । 2010 में तत्कालीन ग्राम प्रधान ने तालाब का पट्टा छोटेलाल के नाम कर दिया मछली पालन के लिए । छोटेलाल के बारे में बताया जाता है कि ग्राम क्षेत्र का दबंग व्यक्ति है और यह अपने मनमाने ढंग से तलाब पर कब्जा कर अपना मालिकाना हक जता रहा है स्थानीय निवासियों के द्वारा बताया गया कि आज सुबह छोटेलाल और उसके आदमियों ने तालाब को गहरा करने के लिए उसकी खुदाई शुरू की और उससे निकलने वाली गीली मिट्टी को ग्राम पंचायत के द्वारा बनाई गई सड़क पर फैलना शुरू कर दी और सार्वजनिक रास्ते को बंद करने की कोशिश की जिसका की शिव शंकर यादव और अन्य लोगों ने विरोध किया जिस पर शिव शंकर यादव के ऊपर जानलेवा हमला किया गया और उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई शिव शंकर यादव को भदोही जीवनदीप हॉस्पिटल में एडमिट किया गया जहां से उन्हें बीएचयू के लिए रेफर किया गया है बीएचयू ले जाने में असमर्थ यादव परिवार अब शिव शंकर का इलाज जीवन ज्योति अस्पताल में ही करवा रहा है।

तालाब की जमीन 1949 में गजाधर मिश्र ने काशी नरेश से पट्टे पर ली थी

UP : भदोही सुरियावा ब्लाक के वीरभद्रपुर में दो गुटों में खूनी संघर्ष ,एफआईआर दर्ज
UP : भदोही सुरियावा ब्लाक के वीरभद्रपुर में दो गुटों में खूनी संघर्ष ,एफआईआर दर्ज

तालाब की जमीन 1949 में गजाधर मिश्र ने काशी नरेश से 1400रुपया देकर पट्टे पर ली थी गांव की हित और भलाई के लिए गजाधर मिश्र ने उक्त जमीन पर एक तालाब का निर्माण करवाया जिससे कि गांव के लोगों का और अब मवेशियों को पानी मिल सके। 2010 में तत्कालीन ग्राम प्रधान समला देवी ने अपने ही परिवार के छोटक लाल के नाम इस तालाब का पट्टा कर दिया जिसमें किछोटक लाल मछली पालन का व्यवसाय करने लगा , 2019 में उसकी पत्नी उर्मिला देवी के नामवर्तमान ग्राम प्रधान महेंद्र ने इस तालाब का पट्टा कर दिया। जमीन और तालाब के वास्तविक मालिक गजाधर मिश्र के वारिस शोभराज मिश्र उर्फ लालचंद मिश्र ने एसडीएम भदोही के यहां भी इस बाबत दरखास्त दी थी लेकिन जिस पर कोरोना वायरस के लॉक डाउन के चलते सुनवाई टाल दी गई । इस तालाब के चारों तरफ आम के पेड़ लगे हुए हैं जिनका देखभाल गजाधर मिश्र के वारिस लालचंद मिश्र और उनके पटीदार करते चले आ रहे थे।

कोरोना संक्रमण का डर बढ़ा

इस गांव में प्रवासी मजदूरों की संख्या 100 से ज्यादा बतलाई जा रही है लेकिन ग्राम प्रधान महेंद्र के मुताबिक उनके रिकॉर्ड में मात्र 30 लोग ही ऐसे हैं जो दूसरे प्रदेश से आए हैं प्रवासी मजदूर जो इस गांव में आए हैं वह स्थानीय ब्लाक सुरियावा में जाकर कोरोना की जांच करवा रहे हैं और उसके बाद अपने ही घरों में रह रहे हैं। लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में आए परदेसी 100 से ज्यादा की संख्या है । ये पूरे गांव में घूम रहे हैं जिससे कि इस गांव में कोरोना संक्रमण का डर बढ़ता जा रहा है ग्राम प्रधान से बातचीत में उसने कहा कि मेरे रिकॉर्ड में मात्र 25 से 30 लोग ही हैं जोकि प्रवासी मजदूर हैं और मुंबई, गुजरात, चंडीगढ़, से गांव लौटे हैं वीरभद्रपुर गांव के ही बगल में कनकापुर गांव में आंगनवाड़ी केंद्र में क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है जहां जाने से प्रवासी मजदूर कतरा रहे है। आज की हुई मारपीट में सोशल डिस्टेंडिंग और 2 गज की दूरी के सिद्धांत की धज्जियां उड़ा दी मारपीट करने वालों में प्रवासी मजदूर भी शामिल थे ।

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