कोटा कोचिंग: राजस्थान के बाहर से आने वाले विद्यार्थियों का 24 घंटे पूर्व कोरोना टेस्ट अनिवार्य

Newspoint24.com/newsdesk/

कोटा । राज्य सरकार ने 18 जनवरी से कक्षा-9वीं से 12वीं तक स्कूल एवं कोचिंग संस्थान खोलने का निर्णय लिया है। इसके लिये गृह विभाग के शासन सचिव एल.एन. मीणा ने 6 जनवरी को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के दिशा-निर्देश जारी किये। इसके तहत राजस्थान के बाहर से आने वाले विद्यार्थी को आने से 24 घंटे पूर्व कोरोना टेस्ट (आरटीपीसीआर जांच) कराना अनिवार्य होगा। उक्त जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही कोचिंग संस्थान में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।


आदेश में कहा गया कि संस्थानों में छात्रों की उपस्थिति पर जोर नहीं दिया जाएगा। इसमें माता-पिता की सहमति होगी। कोचिंग संस्थानोंं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की सूचना जिला कलक्टर द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी को देनी होगी। 


इधर, राज्य सरकार द्वारा 18 जनवरी से स्कूल व कोचिंग संस्थान खोलने की अनुमति देने पर कोटा में चारों ओर हर वर्ग में उल्लास का वातावरण दिखा। सभी प्रमुख कोचिंग संस्थानों एलन, रेजोनेंस, कॅरिअर पाइंट, वायब्रेंट एकेडमी, न्यूक्लियस एजुकेशन, बंसल क्लासेस, मोशन आईआईटी, सर्वोत्तम सहित प्राइवेट स्कूल संचालकों ने राज्य सरकार के निर्णय को स्वागतयोग्य बताया। 
याद दिला दें कि मार्च से दिसंबर,2020 तक पिछले 10 माह बाद स्कूल व कोचिंग संस्थान बंद रहने से कोटा शहर में सन्नाट पसरा हुआ था जिसमें नये साल से नई उर्जा देखने को मिलेगी। 

कोचिंग विद्यार्थियों से आजीविका चलाने वाले ऑटो व वेन चालक, स्टेशनरी, साइकिल, मोबाइल, क्रॉकरी, रेडीमेड, वाहन, किराना, रेस्टोरेंट, पोह-कचौरीे, फूड व टिफिन सेंटर व फल-सब्जी-जूस आदि से जुडे़ नागरिक कोचिंग विद्यार्थियों के स्वागत की तैयारियां पूरी कर रहे हैं। 

एलन में अल्ट्रा वायलेट लाइट से करेंगे सेनेटाइज


एलन करिअर इंस्टीट्यूट के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार कोचिंग संस्थान की सभी बिल्डिंग के क्लासरूम में सेनेटाइजेशन के लिये अत्याधुनिक अल्ट्रा वायलेट तकनीक काम में ली जाएगी। क्लास खत्म होते ही ऑटोमेटिक यूवी लाइट्स चालू हो जाएंगी, जिससे क्लासरूम पूरी तरह स्वच्छ व सुरक्षित हो जायेंगे। एलन के प्रत्येक कैम्पस में हर क्लासरूम में इस व्यवस्था के  इंतजाम पूरे किय जा रहे हैं। 
   
कोचिंग संस्थानों में यह सावधानी आवश्यक


कोचिंग संस्थानों में भवन, फर्नीचर, उपकरण, स्टेशनरी, लैब, स्टोर पानी के टैंक, रसोई, वाशरूम व केंटीन आदि को सेनेटाइज किया जाये। संस्थान में हाथ धोने के पर्याप्त उपकरण लगाने होंगे। थर्मल स्केनिंग, सेनेटाइजर व साबुन पर्याप्त मात्रा में हो। क्लासरूम में भी 6 फीट की दूरी पर बैठेंगे विद्यार्थी वहीं प्रत्येक संस्थान में डॉक्टर, नर्स या पूर्ण प्रशिक्षित स्टाफ नियुक्त होंगे। इसके अलावा प्रत्येक बैच के बीच 30 मिनट का अंतराल होगा तथा नो मास्क-नो एंटी की अनुपालना आवश्यक होगी व संस्थान द्वारा एम्बुलेंस की व्यवस्था जरूरी होगी।

एक कमरे में एक विद्यार्थी रहे


गाइडलाइन में हॉस्टल एवं मैस संचालकों के लिये भी दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं। मैस में एक साथ भोजन नहीं करवाकर स्टूडेंट के कमरे की भोजन करने के लिये प्रेरित करें। हॉस्टल एवं पीजी या किराये के मकानों में एक कमरे में एक विद्यार्थी को ठहरने की अनुमति होगी। बडे कमरों में पार्टिशन करके सिंगल रूम में परिवर्तित किया जा सकता है। किसी विद्यार्थी या स्टाफ को कोरोना वायरस के लक्षण होने पर उन्हें अलग तल पर आइसोलेट करना होगा।

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